डायबिटीज के लक्षण, और मधुमेह में खान-पान

Dibites डायबिटीज शुगर मधुमेह  की बीमारी से आज दुनिया भर के करोडो लोग पीड़ित है भारत में मधुमेह के रोगियो की संख्या लगातार बढती जा रही है 1970 में 2.1% लोग पीड़ित थे मधुमेह से वही 2010 में 3 करोड़ लोग हो गए मधुमेह रोगी और आकड़े के अनुसार 2025 तक 7 करोड़ लोग हो सकते है और इसका मुख्य कारण है बढता हुआ तनाव ,शारीरिक श्रम का आभाव और बिगडती हुई जीवनशैली से हमारा जीवन और जटिल होता जा रहा है जब हम नकारात्मक चिंतन करते है बहुत गुस्सा करते है  खेल औए व्यायाम के लिए समय नहीं निकाल पाते और बहुत ज्यादा एलोपैथी की दवाईया का सेवन करते है डाईबिटीज के शिकार हो जाते है

Dibites डायबिटीज के खान-पान और लक्षण:

मधुमेह डायबिटीज टाइप -2  के रोगी बहुत ज्यादा तनाव में रहते है , मोर्निंग वाक में नहीं जाते है और वजन लगातार बढ़ता जा रहा है, healthy  खाना नहीं खाते तो  आप डाईबिटीज टाइप -2 बीमारी के घेरे में आ रहे है   का सम्बन्ध अनियमित जीवनशैली और गलत खानपान से ही है जैसे खान-पान  में रीफाइंड से बने चीजो का इस्तेमाल और ज्यादा शुगर, ज्यादा कैलोरी, खतरनाक वसा प्राकृतिक फल व सब्जी न खाना ज्यादा तनाव लेना ,बढ़ता मोटापा, जन्म के समय कुपोषण और  कम वजन का होना आपकी ऐसी गलतिया आपको डेबेटिक बना रहा आज-कल जंक फ़ूड और डब्बा बंद खाना भी diabetes का बहुत बड़ा कारण बन रहा है

Dibites डाईबिटीज दो प्रकार के कारणों से होता है एक तो पैंक्रियास पर्याप्त इन्सुलिन नहीं उत्पन्न कर पाती और दूसरा कारण है जिसमे शरीर की कोशिकाए उत्पन्न इन्सुलिन के प्रति ठीक से कार्य नहीं कर पाते.

 Diabetes डायबिटीज टाइप -1 जिसमे हमारे ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ जाता है   diabetes टाइप -१ में ज्यादातर बच्चे ही आते है पीलिया, त्वचा में लाल धब्बे, कुपोषण और कभी -2 जेनेरिक भी हो जाता है अविकसित फेफड़े, अविकसित ह्रदय जैसे अगर माँ को है जन्म के बाद बच्चे को हो जाता है जिसको हाइपोलाइसोमिया कहते है तो इसके लिए माँ को ज्यादा और स्वस्थ खाना दे  diabetes के कारण और भी दूसरी बीमारियाँ हो सकती है जैसे- आँखे ख़राब हो सकती haert की प्रोबेलेम हो सकती है किडनी ख़राब हो सकती है

बहार के खाने को अवॉयड करे घर का बना  हुआ ताजा बना खाना खाए, दाल और  हरी सब्जिया अन्कुरित अनाज, साग सब्जी का प्रयोग करे

मधुमेह या तो अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन नहीं उत्पन्न करता या शरीर की कोशिकाओं का उत्पन्न इन्सुलिन के प्रति ठीक से कार्य न कर पाना कारण है

टाइप 1 Dibites डायबिटीज–  अग्न्याशय pancreas  पर्याप्त इंसुलिन का उत्पन्न नहीं कर पाता है  । यह इंसुलिन पर निर्भर मधुमेह होता है  जिसे juvenile diabetes “किशोर मधुमेह” भी कहते है।

Dibites डायबिटीज टाइप-1 के लक्षण

  • वजन का  कम होना
  • भूख ज्यादा लगाना
  • मोटापा का बढ़ना
  • प्यास और पेशाब का ज्यादा  होना
  • तनाव जल्दी होना या तनाव में बने रहना
  • थकान हो जाना

Type टाइप 2 Dibites डाईबिटीजजिसमे इंसुलिन प्रतिरोध होता है , मतलब हमारे शरीर  की कोशिकाए पैंक्रियास से उत्पन्न  इंसुलिन के प्रति कार्य  करने में विफल हो जाती है। इस रोग  में इंसुलिन की कमी  होती है। इसे  “adult-onset diabetes भी कहते है और इसका प्रथम कारण शरीर का ज्यादा वजन होना और व्यायाम न पाना होता है

मधुमेह type-2 के लक्षण – बहुमूत्रता (अक्सर पेशाब),  polydipsia  (ज्यादा प्यास) , polyphagia  (भूख वृद्धि), और वजन घटने हैं। अन्य लक्षण  दूरदृष्टि, खुजली, परिधीय न्यूरोपैथी, आवर्तक योनि में संक्रमण, और थकान हैं।

मधुमेह में पाचन ग्रंथिया बहुत कम मात्रा में इन्सुलिं पैदा करती या फिर न के बराबर इन्सुलिन उत्पन्न करती है

तनाव से बचे रहने की कोशिस करे टाइप-1 मधुमेह से बचा जा सकता है तनाव के कारण ह्रदय रोग की आशंका बढ़ जाती है जिसमे रक्त में  खून के थक्के बनने लगते है आयुर्वेद में मधुमेह टाइप-1 का इलाज पूरी तरह संभव  है

Diabetes डायबिटीज से बचने के उपाय – तनाव से दूर रहे ,मोटापा न बढ़ने दे, स्वस्थ भोजन ले , ताजे फल व् सब्जिया खाए, गुस्सा करने से बचे

मधुमेह के रोगी सेब अमरुद जामुन पपीता आदि फलो का थोड़े मात्रा में सेवन जरुर  कर सकते है हमेशा खुश रहने की आदत डाले, पॉजिटिव सोचे, शारीरिक श्रम करे ,पैदल चला करे, खीरा करेला टमाटर का जूस बनाकर पिए अंकुरित मेथी दाने भी ले सकते 6 घंटे की नींद अवश्य ले

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